मेरे गीत नीलाम हो गये —- भूपेन्द्र कुमार दवे

मेरे गीत नीलाम हो गये
अमोल बोल बदनाम हो गये

दुल्हन-सी कुँवारी लय थी
सुमधुर वह श्रंगार किये थी
सजी सजायी शब्द पालकी
भावी सुख का संसार लिये थी

अर्थ भाव थे, समधी सुर थे
पल में सब बदनाम हो गये
मेरे गीत नीलाम हो गये
अमोल बोल बदनाम हो गये

सजी गीत की इक डोली थी
बोल खड़े थे बाबुल द्वारे
मंगलाचरण गाते गाते
भाव विभोर हुए थे सारे

मन पायल के भाव नुपुर थे
पल में सभी नीलाम हो गये
मेरे गीत नीलाम हो गये
अमोल बोल बदनाम हो गये

तभी उठी आवाज कहीं से
देखो तुम भी बारात खड़ी
ठगी ठगी-सी, सहमी सहमी
सबकी आँखें सजल उठी

कुछ व्याकुल थे, कुछ आतुर थे
पल में सभी नीलाम हो गये
मेरे गीत नीलाम हो गये
अमोल बोल बदनाम हो गये

बाबुल का घर कंठ बना था
स्वर ने सब संस्कार किये थे
उठी पालकी बिदा घड़ी थी
मृदु बोल भी कहार बने थे

सरगम गाते पग घुंघरु थे
पल में सभी नीलाम हो गये
मेरे गीत नीलाम हो गये
अमोल बोल बदनाम हो गये

आँखों ही आँखों में जैसे
ठुमक उठी आँसू की पायल
रो रोकर विदा हो रही थी
आँसू से पलकों की काजल

हुये पराये गीत अधर के
पल में सभी नीलाम हो गये
मेरे गीत नीलाम हो गये
अमोल बोल बदनाम हो गये

आँखों ही आँखें में जैसे
टूट पड़ी आँसू की पायल
छलक रहे थे, बिखर रहे थे
हर आँसू हो होकर घायल

सुख के अंकुर क्षण भंगुर थे
पल में सभी नीलाम हो गये
मेरे गीत नीलाम हो गये
अमोल बोल बदनाम हो गये

टूट पड़ा था, सिसक रहा था
साकी के अधरों-सा प्याला
लुटी लुटी-थी, ठगी ठगी-थी
टूटी वीणा-सी मधुशाला

छलक रहे थे, गीत मधुर जो
पल में सभी नीलाम हो गये
मेरे गीत नीलाम हो गये
अमोल बोल बदनाम हो गये

दुल्हन-सी साँसें बेचारी
प्राणों का बस श्रंगार लिये
बैठ पालकी पंचतत्व की
अरमानों का संसार लिये

रूप रंग भी नश्वर क्षण के
पल में सभी नीलाम हो गये
मेरे गीत नीलाम हो गये
अमोल बोल बदनाम हो गये

उठने को ही प्राण पालकी
पल भर धरती पर आयी थी
कर्म खड़े थे द्वार किनारे
बिदा घड़ी जब यह आयी थी

बिदा गीत भी शोकातुर थे
क्षण में सब नीलाम हो गये
मेरे गीत नीलाम हो गये
अमोल बोल बदनाम हो गये।
—- भूपेन्द्र कुमार दवे
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7 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 29/08/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/08/2017
    • bhupendradave 30/08/2017
  3. C.M. Sharma babucm 30/08/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 30/08/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 30/08/2017

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