एक जान – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा ( बिन्दु )

मुस्करा कर एक बार जो देखा
हम भी जवान हो गये।
सिद्धत से उनकी तालाश थी
बदन दो एक जान हो गये।

4 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 24/08/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/08/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/08/2017

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