हुई सहर जो …सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

धुआं सा दिल पे मेरे, पसर गया यारो….
तलाश अपनी में मैं, निकल पड़ा यारो….

वो आशियाँ जो सजाया था, दिल के सपनों ने…
कहीं मंदिर कहीं मस्जिद में, उजड़ गया यारो….

मिला मैं अपने से, गुज़रा जहां जहां से भी….
शक्ल पे मरघट हर किसी के, है बना यारो…

वो हाथ जिनपे कभी नाज़ था मुझे ए खुदा…
वही गिरेबान मेरे पे, आ गया यारो…..

वो माली और था सींचा किया लहू से चमन….
यहाँ लहू ओ चमन सब ही, बिक गया यारो….

थी रात तो भटका वो मेरी, तलाश में ‘चन्दर’…
हुई सहर जो हाथ उसने, छोड़ दिया यारो…

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/सी. एम्. शर्मा (बब्बू)

16 Comments

    • C.M. Sharma babucm 24/08/2017
  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 24/08/2017
    • C.M. Sharma babucm 24/08/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 24/08/2017
    • C.M. Sharma babucm 25/08/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/08/2017
    • C.M. Sharma babucm 26/08/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/08/2017
    • C.M. Sharma babucm 26/08/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 25/08/2017
    • C.M. Sharma babucm 26/08/2017
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/08/2017
    • C.M. Sharma babucm 26/08/2017
  7. ALKA ALKA 26/08/2017
    • C.M. Sharma babucm 28/08/2017

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