आज़ादी की और पहला क़दम … (गज़ल )

आज़ादी की और पहला क़दम बढाया है
बहुत होंसला तुमने अब गर दिखाया ह

वोह कदम अब पीछे कभी मत हटाना
अब जो बड़ी दिलेरी से कदम बढाया है

तालीम एक पहला हक है औरत का
सदा मर्दों ने तुमसे यह हक छीना है

मजहबी बंदिशें लगीं रिवाज़ के नाम पर
सदा तुम्हें इन्होने गुलाम ही समझा है

मगर अब समय बदल रहा जागो तुम भी
बदलना होगा तुम्हें वक़्त का यह इशारा है

जिंदगी तुम्हारी है इसपर तुम्हारा हक है
इसकी दिशा को भी तुमने ही तय करना है

खुदा ने तुम्हें भी कई गुणों से नवाज़ा है
तुममें भी काबलियत यह जग को बताना है

इल्म और हुनर में किसी बात से कम नहीं
सियासत के साथ ग्रहस्थी को भी संभाला है

तीन तलाक़ से मुक्ति से तो तुम्हें मिल गयी
अभी और भी अपने खिलाफ ज़ुल्मो को मिटाना है

बढती चलो आगे यूँ ही मेरी प्यारी बहनों
अभी तुमने बढकर और आसमान को छूना है

9 Comments

  1. Om Parkash sharma 23/08/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/08/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 23/08/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/08/2017
  5. Onika Setia Onika Setia ''anu'' 24/08/2017
  6. C.M. Sharma babucm 24/08/2017
  7. Onika Setia Onika Setia ''anu'' 24/08/2017
  8. Kajalsoni 24/08/2017

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