मरने दो — डी के निवातिया

मरने दो

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रेल पटरी से जनता की उतरी है, उतरने दो।
हादसे होते है तो लोग भी मरते है, मरने दो।
हम देश चलाते है हवाई जहाजो में बैठकर।
लोगो की आदत है शिकायत करना, करने दो।।

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डी के निवातिया

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22 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017
  2. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 21/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 21/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017
  5. C.M. Sharma babucm 21/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017
  6. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 22/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017
  7. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 22/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017
  8. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 22/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017
  9. Kajalsoni 22/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017

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