चुप्पी – प्रियंका ‘अलका’

तुमने हर बार
मेरी बातों को
अनसुना किया
और अपने विचारों में
लीन रहे…..

क्या तुम्हें मालूम है
हर बार तुम
मुझे खोते गए
और मैं
खुद में
खोती गई…..

शायद…
जब समय
चादर बदले
तब तुम चुप्पी तोड़
बहना चाहो..

तो कह देती हूँ…..
तुम्हारी चुप्पी
दिल में छेद
कर देती है
और…
छेद वाले दिल से
न तो तुम्हें
खुलकर बहने की
जगह दे पाँऊगी
न हीं तुम्हें
बाँध पाँऊगी……
-अलका

7 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/08/2017
  2. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 20/08/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/08/2017
  4. C.M. Sharma babucm 21/08/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/08/2017
  6. Kajalsoni 22/08/2017

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