आज भी जिंदा है

शीर्षक आज भी जिंदा है
मेरे दिल के दरवाजे पर
तुम्हारा दस्तक
आज भी जिंदा है
मेरे चाहत की किताब के पन्ने
आज भी अधखुले है
तुम्हारे इंतज़ार में
ना मैं आगे बढ़ा
ना वक़्त आगे बढ़ा
अतीत के उन पन्नो को
जब भी दुबारा खोलता हूँ
जब भी उन लम्हों को दुबारा
जीने की कोशिश करता हूँ
तेरे जिस्म की छुवन याद आते हैं
तेरी शरमाई आँखे याद आती है
चंद लम्हे जो तेरे संग बिताये
वो याद आते है
मेरे बिछावन की सिलवटे
आज भी जिंदा है
मेरे दरवाजे का डोरमेट
आज भी जिंदा है
तुम्हे सजाने वाला आईना
आज भी तुम्हारे अक्स के
इंतज़ार में जिंदा है
तेरे आँखों में समाने वाला काजल
आज भी जिंदा है
तेरे चाँद में चाहे जितने भी दाग है
पर उसकी चांदनी
आज भी जिंदा है
चंद सांसे रब से उधार ले कर
आज फिर तुमसे कहता हूँ
ऐ चाँद तू मुझमे
आज भी जिंदा है——- अभिषेक राजहंस

9 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/08/2017
    • Abhishek Rajhans 19/08/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/08/2017
  3. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 21/08/2017
  4. C.M. Sharma babucm 21/08/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/08/2017
  6. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 21/08/2017
  7. Kajalsoni 22/08/2017

Leave a Reply