कविता आजादी की

वतन की राहों में , 
आजादी के फूल खिला गए ,
देश की आजादी के लिए ,
वो गजब की लड़ाई लड़ गए II 

लहराता ये तिरंगा देखो ,
मुस्कराता ये तिरंगा देखो ,
अपने वतन के वासियो को ,
आजादी की मुस्कान दे गए II 

आजादी की मुस्कान से ,
पूरा हिन्दोस्तां जगमगा गया ,
और शरहद से जवान तिरंगे में ,
लिपटकर चले गए II

ये हिन्दोस्तां हमारा है ,
और हम हिन्दुस्तानी है ,
गाते हुए गुनगुनाते हुए ,
देश के लाल चले गए I

बापू की सेना ने ,
सब कुछ लुटा दिया ,
वतन की रहो में ,
देश के जवान हंस कर चले गए I I
धरती माँ को पावन कर ,
दुश्मन को देश से बाहर कर,
देश के सच्चे सपूत ,
शहीद हो कर चले गए I I

 

anjali yadav

jai hind jai bharat

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/08/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/08/2017
  3. Madhu tiwari madhu tiwari 17/08/2017
  4. Kajalsoni 17/08/2017
  5. Vikram jajbaati Vikram jajbaati 17/08/2017
  6. C.M. Sharma babucm 18/08/2017
  7. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 18/08/2017

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