तुम कर्णधार हो – अनु महेश्वरी

उठो, जागो, नौजवानों, तुम पर ही,
अब, भारत का सब, भार है,
विश्वास हमें है पूरा तुम पे,
तुम रखोंगे, इसे सम्भाल के|

जब जब दुश्मन वार करें,
शीश इसका न, झुकने देना,
पड़े ज़रूरत तो, अपने लहू से,
तुम इसको, फिर से सींच देना|

देश के, भीतर के, गद्दारो से,
तुम निपटना सावधानी से,
वार, छुपकर करने वाले,
होते अक्सर खतरनाक है|

उच्च नीच की हर दिवार को,
तुम को ही अब, तोडना है,
हर अन्याय के, विरोध में,
तुम्हें, अपनी आवाज़ उठानी है|

सब को लेकर, साथ चलने की,
बात तुम्हे ही, सार्थक करनी है,
देश को, एक नई उचाईयो पे,
तुम को ही, अब पहुंचाना है|

उठो, जागो, नौजवानों, तुम पर ही,
अब, भारत का, सब भार है,
तुम कर्णधार हो, भविष्य के,
देश, को भी रखना, संभाल के|

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/08/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/08/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 13/08/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/08/2017
  3. Abhishek Rajhans 13/08/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/08/2017
  4. Kajalsoni 13/08/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/08/2017
  5. babucm babucm 16/08/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/08/2017
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 17/08/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/08/2017

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