मेरी कलम 7……… काजल सोनी

दिन न ढले ,
तो जीवन में रात कैसे होगी ।
सपने न टूटे ,
तो हकीकत से मुलाकात कैसे होगी ।

रात दर्पण न हो गम का ,
तो दिन से ,
खुशीयो की शुरुआत कैसे होगी ।

मिलना बिछड़ना तो दस्तुर है ,
दुर होगा न कोई ,
तो दिल से ,
दिल की बात कैसे होगी ।

रिश्ते बने कच्चे धागों से ,
हर कोई बुन ले इसे ,
तो सच्चे रिश्तों की,
तलाश कैसे होगी । ।

” काजल सोनी ”

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/08/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/08/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 13/08/2017
  3. Abhishek Rajhans 13/08/2017
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 17/08/2017

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