ख्वाहिशें……. काजल सोनी

हजारों रंग लिये….. ये ख्वाहिशें….
बसे सातवें आसमान पर…..
कुछ अपने…..
कुछ अनसुलझे……
कुछ मजबूत इरादों से बंधे……
ये दर्द भी देते….. और मकसद भी…..
गहराई इतनी की खो जाने का डर है…..
हर कोई दामन थाम ले इसका….
जब आये तो जहन में सिहरन सी उठती है…..
टटोलू इन्हें…….
तो बंद मुट्ठी में कुछ भी नहीं……
सिर्फ अहसास…….
कोई सच नहीं……
मगर आज हर किसी की जिंदगी ,
सिर्फ इसी पिटारे में कैद हैं…….
जाने क्यूँ बेवजह तड़प रहे सभी……

……………. अपनी ” ख्वाहिशों” के लिए

” काजल सोनी ”

9 Comments

  1. Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 12/08/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 12/08/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 12/08/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/08/2017
  5. babucm babucm 12/08/2017
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 13/08/2017
  7. subhash 13/08/2017
  8. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 13/08/2017
  9. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 13/08/2017

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