आज राखी है!

आज राखी है
राखी बांधना अभी बाकि है

कैसे बाँधू ,
खुद से बाँधने के लिये मजबूर  हूँ
तू वहां है और मै इतना दूर हूँ!

कुछ यादें तेरी पलकों को मेरी
नम किये जा रही हैं
बेवक़्त ही क़भी हँसा रही ,क़भी रुला रही हैं!

जो कलाई आज तेरे सामने बदमाशियां  किया करती थीं
आज वो इस बोरिंग कीबोर्ड टक टक करती जा रही हैं!

ना रोली है ना चन्दन हैं नाही कोई मिठाई हैं
एक भाई को बांध रहा राखी , दूसरा ही भाई हैं!

देखेंगे अगला साल आना अभी बाकी हैं
आज राखी हैं!

 

5 Comments

  1. babucm babucm 08/08/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 08/08/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/08/2017
  4. Kajalsoni 09/08/2017

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