कवि – दोहे – डी के निवातिया

कवि

लिख लिख रचना कवि भये, मांगे सबका प्यार !
खुद न  किसी  को  भाव  दे, बन कर रचनाकार !!

नवयुग का आधार है, करते मन की बात !
सब का साथ  ये चाहे, दे न किसी का साथ !!

!
!
!
डी के निवातिया

16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/08/2017
  2. kiran kapur gulati Kiran kapur Gulati 04/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/08/2017
  3. C.M. Sharma babucm 04/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/08/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 04/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/08/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 04/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/08/2017
  6. Kajalsoni 04/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/08/2017
  7. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 04/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/08/2017
  8. chandramohan kisku chandramohan kisku 04/08/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/08/2017

Leave a Reply