चल-चले मिले कहीं

चल-चले मिले कहीं
न तेरा आश्रय न मेरा,
प्रीति-गीत गाए कहीं
चल-चले मिले कहीं।

सच-झूठ की फिकर नही
जिस राहा पर मिला,
मैं अजनबी नही,
चल-चले मिले कहीं।।

तेरे सपने मेरे अपने
यादों के संग चले,
आ फ़िर मिले कहीं,
चल-चले मिले कहीं।।।
ऋषि के.सी.????????????????????????????

15 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 29/07/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/07/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 29/07/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 29/07/2017
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/07/2017
  6. Akash 02/08/2017

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