आ जाओ न अब साजन…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

सावन की रुत भीगा मौसम….
भीगा है मेरा मन…..
राह मैं तेरी देखूं हर पल….
आ जाओ न अब साजन….

मेहंदी रचा हाथों पे मैंने…
नाम तेरा छुपाया उसमें….
बार बार चूमूँ मैं उसको….
जैसे तुम्हें हो पाया मैंने….
अब रह पाऊं न तुम बिन….
आ जाओ न अब साजन….

सखियाँ झूम झूम के गायें…
मन मेरा भी ललचाये….
पर गाऊं मैं तेरे ही संग…
जब तू झूला मुझे झुलाये…
बीत न जाए ये सावन….
आ जाओ न अब साजन….

हंसती हैं सब सखी सहेली..
देख मेरी हालत जो बनी….
कोई कहे मैं हुई बावरी…
कोई कहे में तुझसे हारी…
कोई न जाने दिल मेरे को…
और इसका ये पागलपन…
आ जाओ न अब साजन….

यूं तो मौसम आते जाते…
हर पल तेरी याद दिलाते….
जब भी आँगन फूल खिलते…
‘चन्दर’ दीखते तुम मुस्काते…
मन भंवरा समझाऊँ कैसे….
मुआ सावन आग लगाए….
जले है सब मेरा तन मन…
आ जाओ न अब साजन….
\
/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)

16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/07/2017
    • C.M. Sharma babucm 28/07/2017
      • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 28/07/2017
        • C.M. Sharma babucm 29/07/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/07/2017
    • C.M. Sharma babucm 28/07/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 27/07/2017
    • C.M. Sharma babucm 28/07/2017
  4. आनन्द कुमार आनन्द कुमार 28/07/2017
    • C.M. Sharma babucm 29/07/2017
    • C.M. Sharma babucm 31/07/2017
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/07/2017
    • C.M. Sharma babucm 01/08/2017
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 01/08/2017
    • C.M. Sharma babucm 02/08/2017

Leave a Reply