इस चाँद पे दाग नही

इस चाँद पे दाग नही
होगा आँखों का भ्रम
या फेरबदल इस मन का
पर इस चाँद पे दाग नही ।
 कितने ही दफे जला होगा
 चिरागो की राह में
रोशनी की चाह में
होगा मिट जाने का भय
या मनमुटाव इन कोरी कल्पनाओ का
पर इस चाँद पे दाग नही।

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/07/2017
  2. Madhu tiwari madhu tiwari 26/07/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/07/2017
  4. arun kumar jha arun kumar jha 26/07/2017
  5. babucm babucm 27/07/2017

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