अगर त्योहार न आते…Raquim Ali

अगर त्योहार न आते
कैसा लगता?
बेहद फीका-फीका लगता
इतने चुस्त-दुरुश्त न हो पाते
हम इतने रोमांचित न हो पाते।

जवान
न इतना मचल पाते
बच्चे, गुब्बारे न उड़ाते
मौज-मस्ती, हो-हल्ला न कर पाते
वे खुशियां न मना पाते।

लड़कियां सज-धज न पातीं
नये-नये परिधान पहनकर
सखियों संग न वे धूम मचातीं
माताएं स्वादिष्ट पकवान बना कर
पास-पड़ोस में भेज न पातीं।

अगर त्योहार न आते
इतनी फिज़ा में रौनक न रहती
बच्चे, जवान, बूढ़े
अलग-थलग ही पड़े रह जाते
सभी एक रंग में न रंग पाते।

…र.अ. bsnl

8 Comments

  1. angel yadav anjali yadav 25/07/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/07/2017
  3. C.M. Sharma babucm 26/07/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/07/2017
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 26/07/2017
  6. raquimali raquimali 26/07/2017
  7. arun kumar jha arun kumar jha 26/07/2017
  8. raquimali raquimali 27/07/2017

Leave a Reply