हमने रुकती मिटती साँसों का अंत देखा है

हमने रुकती मिटती साँसों का अंत देखा है   हमने रुकती मिटती साँसों का अंत देखा है अपनी ही जिन्दगी का अंतिम वसंत देखा है।   हमने झुर्रियों में …

माँ, तुम्हारी बिटिया ……..भूपेन्द्र कुमार दवे

माँ, तुम्हारी बिटिया   मैं जन्मी हूँ तुम्हारी बिटिया कहलाने के लिये जिन्दगी भर तुम्हारा असीम प्यार पाने के लिये।   मेरी मुस्कराहटें जरा गोदी में खिलने तो दो …

“राधा-कृष्ण”(हाइकु)

राधिका संग झूठी रार मचाई कृष्ण कन्हाई। नील गगन तारों की छाँह तले नैना भटके। चाँदनी रात शबनमी बयार मौन खटके। कुछ बोलो ना अपनेपन संग मन की बातें। …

नवदुर्गा के नौ रूप स्तुति — डी के निवातिया !!

नवदुर्गा के नौ रूप स्तुति शैलपुत्री शिखर वासिनी, त्रिशूल धारिणी वृषभ वाहिनी, शिव अर्धांगिनी सर्व प्रथम पूजा प्रतिस्ठायीनी शैलपुत्री यशस्विनम नमो नम:!! ब्रह्मचारिणी तपो आचरण, कमण्डलु धारण सराहना देवता, …

गदाए इश्क के कासे में थोड़ी सी रहम की भीख तो अब ड़ाल दे

   गदाए इश्क के कासे में थोड़ी सी रहम की भीख तो अब ड़ाल दे   गदाए इश्क के कासे में अब थोड़ी सी रहम की भीख तो  ड़ाल …

एक नन्नी सी जान — कवि:- अमन नैन

एक नन्नी सी जान को नंगे पांव  अंगारों पर चलते देखा है  प्यारी से आँखों में उसके मैने ‌सपनों को उडता देखा है खिलौनों की छोडकर उसे तलवारों से …

दर्द की दवा न मिली मुझे किसी बैद और हकीम के पास ……… सांसे धिमी चलती है पर फिर भी है मुझे जिने की आस। रातो मे तारो को …

स्पर्धा २०१७ में प्रेषित कविता

“वो हिन्द का सपूत है” आप सभी के मार्गदर्शन के चलते मेरी कविता “वो हिन्द का सपूत है” को “स्पर्धा २०१७” प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है. कविता …

सच्चाई दिखलाता हूँ — डी. के. निवातिया

सच्चाई दिखलाता हूँ नित्य कर्म की तरह सुबह कार्यशाला के लिए प्रस्थान करने से पहले, तैयार होते हुए जीवन की व्यस्तता में टीवी पर खबरे देख सुन रहा था …

वंदना….सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

हे अम्बिके जगदम्बिके…. वंदना तेरी वंदना…. ओजस्विनी…तमहारिणी करुणामयी तेरी वंदना….. कर कमल और तिरशूल माँ… खडग कर दे हर दंम्भ चूर माँ… भव तारिणी…ह्रदय वासिनी… नवदुर्गे रूप माहेश्वरी…. वंदना …

माता तुने किया उपकार — मधु तिवारी

माता तुने किया उपकार हमपे तुने किया उपकार तु ही आकाश मे, तु ही पताल मे तु ही जगत का सार माता तुने किया उपकार हमपे तुने किया उपकार …