तू प्यार हो मेरा,हो मेरी जिंदगी,,,,,by-md.juber husain

तू प्यार हो मेरा,हो मेरी जिंदगी ——–मु. जुबेर हुसैन आज हाल-ए-दिल की बाते कह देंगे सभी तू प्यार ही मेरा,हो मेरी जिंदगी,,, मिले चाहें फूलों का डगर मिले चाहें …

चेतना की डोर

  अतीत को न आंकिये अब नासमझ निगाहों से बन जाएगी जहर जिंदगी बेबुनियाद इरादों से। आने वाला कल ही भविष्य के लिए उजागर होगा मानवमात्र का उसका कर्म …

रोलिंग कुर्सी – अनु महेश्वरी

बैठ, रोलिंग कुर्सी पे, घड़ी की सुई को, निहारती आँखे, कभी नज़रे उठती है, दरवाजे की तरफ़, कभी टेबल पे रखें, फ़ोन की तरफ है| आस उसने अभी भी, …

दबा ली वो ख्वाइशें भुला दिया अरमानों को

दबा ली वो ख्वाइशें भुला दिया अरमानों को भायी नही थी जो मेरे अपने ही नादानों को बदल दिए वो मार्ग सारे जो जाते थे सब तुम तक अँधा …

कहाँ से लाऊँ ढूंढ के…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)..

घर था कभी जो अब मक़ान हो गया… ज़िंदा लाशों का वो शमशान हो गया…. कच्चे घरों में आती थी रिश्तों की खुशबू… पक्के क्या हुए सब सुनसान हो …

टिमटिमाता हुआ, एक चिराग़ … Raquim Ali

अगर, घनघोर घटा छाई हो आंधियां चल रही हों बारिश मूसलाधार हो; अगर, अमावस की रात हो हर सिम्त में फैला हुआ बेइंतहा अंधकार हो। अगर, मेरे हाथ में …

स्नेह धागा – शिशिर मधुकर

सुन बात धोबी की प्रभु ने सिय को त्यागा था माता के जीवन में ये पल कितना अभागा था मुश्किलें कितनी भी आईं वो नैहर नहीं लौटी प्रभु सम्मान …

शिव कहाता है – शिशिर मधुकर

मेरा अपमान करने वाले तू ये भूल जाता है इज्जत उतारने का गुर मुझको भी आता है मगर बिष को ग्रहण करना आसां नहीं होता इसको पी लेने वाला …

समाज का आईना — डी के निवातिया

समाज का आईना *** आज अचानक वर्षो के  बाद  विद्यार्थी जीवन में पढ़ी तुलसी जी की वो पंक्तिया एक बच्चे ने उस समय  फिर याद करा दिया, जब वह …

मेरे दुश्मन – शिशिर मधुकर

मेरे दुश्मन मैं तुझको ये साफ़ पैग़ाम देता हूँ तेरी हरकत के कारण ही तुझे ये नाम देता हूँ तुझसे निपटने के मुझ पे भी इंतज़ाम हैं सारे मगर …

रिश्तों को जीना सीखें – अनु महेश्वरी

निभाते निभाते रिश्ते भी, बोझ से लगने लगते है| आसान अगर बनाना है, रिश्तों को जीना सीखें| आप जुड़े हो, किसी भी पेशे से, एक बार उसे अपना, मान …