ll अटल सदैव अटल रहेगा ll

O ‘अटल’ नामधारी मै जीवन भर रहा सदा ही अटल l मेरी स्मृतियाँ संजो रखेगा आने वाला कल ll 1 ll काल के कपाल पर लिखते मिटाते मैंने कठिनाइयों …

वतन इश्क़ से ऊंचा इश्क़ नहीं है…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

सुनो तुम आजाद हिन्द के वासी…. करना कभी तुम न हमसे किनारा… देकर लहू हमने सींचा वतन है…. रहे ऊंचा मस्तक वतन ओ हमारा… धरम न जाती कुछ भी …

जो मेरा बस चले – शिशिर मधुकर

जो मेरा बस चले कभी तुम्हें ना दूर जाने दूँ कहीं गैरों के साथ तुमको ना हुज़ूर जाने दूँ तुमको ख़ुशी देने से सुकून मिलता है मुझको नशीली अँखियों …

संकल्प

सब बातों को छोड़, बात करते हैं बीएसएनएल की संचार-व्यस्था का यह अग्रदूत, है जो नियोक्ता हमारा। यही हमें रोटी देता है, यही कपड़े भी देता है हमको हमारे …

मेरे दिल में बसे हो तुम – शिशिर मधुकर

ना तेरा साथ मिलता है ना तुझको भूल पाती हूँ प्रीत तुम से लगी है जो उसी को अब निभाती हूँ भले मुँह से ना कुछ बोलूं दिल तो …

आजादी – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

नाम का है आजादी या किस काम का आजादी अंग्रेज का आजादी या हिन्दुस्तान का आजादी। सत्तर साल में अमीर का या गरीब का आजादी खून का आजादी है …

सबसे पहले है देश – अनु महेश्वरी

बधाई हो बधाई हो, स्वतंत्रता दिवस की सबको बधाई हो। पाने के लिए ये आज़ादी, पुर्वजों ने दी है कुर्बानी, देखो इसे अब न कोई, ज़ख्म दे जाए। बधाई …

मिटटी – डी. के. निवातिया

मिटटी *** जीवन का सार है, उत्पत्ति का आधार है जल हो या वायु संपूर्ण जगत की प्राण है मिटटी !! अम्बर को शीश धारे, प्रकृति को सीने पे …

बाबा हम शिरडी आये

बाबा हम शिरडी आये, तेरे दर्शन करने साईं-साईं जपते-जपते, कष्ट लगे हैं मिटने बाबा हम शिरडी आये….. दूर-दूर से लोग हैं आते, अपनी व्यथा सुनाते बस्ती-बस्ती, पर्वत-पर्वत, तेरे ही …

पंद्रह अगस्त

बिन मान बने मेहमानों को अपने घर से जब किया विदा उन्मुक्त-गगन,स्वछन्द-धरा स्वाधीन -मेखला हुई यदा जिसमें न सूर्य कभी डूबा उसका जब सूरज हुआ अस्त आया स्वर्णिम पंद्रह …

दिल के टुकड़े हजार करते है

जुबाँ कड़वी हो कितनी भी , तुम्ही से प्यार करते है तेरी तस्वीर से भी हम तो , आँखें चार करते है ये परदे में तुम्हारा हुस्न जो , …

खुदा का है दरबार – अनु महेश्वरी

  जग में हम सभी किरायेदार, दुनिया खुदा की है दरबार, अस्थायी है अपना निवास, बाकी बातें सभी निराधार| सभी को जाना है एकबार, मन में क्यों रखे फिर भार, …

प्रेम की छाँव – शिशिर मधुकर

लोग मेरी मुहब्बत पे जाने क्यों तंज़ कसते हैं जो भी सम्मान देते हैं वही तो दिल में बसते हैं ज़ख्म देते रहे दिल पे नतीजा सामने है जब …

फ़साना – डी के निवातिया

फ़साना *** तेरी मेरी कहानी का अब यही फ़साना होगा बरसेंगे तेरे मेंरे नैन बारिश का बहाना होगा !! तड़पते दो दिलो में तन्हाई का आलम होगा सिमटते रिश्तो …

दोहे – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

देखो मेघा घिर गया, ये बादल के साथ बूंद – बूंद अब झर रहा, मौशम का सौगात। गाँव – शहर सब भर गये, नदियाँ करे उफान त्राहि – त्राहि …

भोला बम बम भोला…सी.एम्.शर्मा (बब्बू)….

II छंद – चौपाई II कहते हैं शमशान निवासी, रोम रोम रम रहा सुवासी… आदि अंत का जो है ज्ञाता, महादेव वो है कहलाता.. पी कर ज़हर अमृत देता …

ll भगवान शिव स्तुति ll

जय शिव शंकर अवढ़र दानी, तुम्हरी महिमा सब ने मानी । सब भूतों में वास तुम्हारा, वेदों ने है कीर्ति बखानी ॥ 1 ॥ आदि अन्त रहित तुम व्याप्त …