हिंदू-मुस्लिम

हिंदू-मुस्लिम करते-करते, था हुआ देश का बंटवारा हिंदू-मुस्लिम करते-करते फिर बंट रहा देश यह प्यारा। फुर्सत लोगों को है कितनी समझ न आया अब तक लदा हुआ है हिंदू-मुस्लिम …

साईं, आन पड़े हम तेरे धाम

साईं सलोना रूप है,  साईं हरि का मान देह अलौकिक गंध है, प्रेम अमर पहचान  // दोहा // साईं,  साईं, आन पड़े हम तेरे धाम  साईं,  साईं, आन पड़े हम तेरे धाम  मोहे …

अपनी पीर सुना जाएं – शिशिर मधुकर

ए वक्त करम कर दे अपना वो बाहों में फिर आ जाएं एक प्रेम भरी बदली बन के तन्हा जीवन में छा जाएं वो दूर हुए संगीत मेरे जीवन …

खुद की मुसीबत है – शिशिर मधुकर

लाख मिन्नत करीं मैंने ना वो नज़दीक आते हैं हर समय दूर रहते हैं और दिल को दुखाते हैं उसके बिन ज़िंदगी मेरी एक उजड़े चमन सी है मगर …

वतन के वास्ते जीना चाहता क्यों नही कोई

वतन के वास्ते मरने की हसरत सबके दिल में है वतन के वास्ते जीना चाहता क्यों नही कोई चलेंगे साथ इक पथ पर सभी के काफिले लेकिन मिलकर इक …

ll मन क्यूँ होता है उदास ll

ऐ मन क्यूँ होता उदास, प्रात काल तकता है राह निज की पीड़ा सह ले भीतर, जुबां पर न आने दे आह जब तक जीवन की नाव चलेगी, दिवस …

अगर दीवानगी होती – शिशिर मधुकर

अगर दीवानगी होती तो तुम पहलू में आ जाते तरसती आँखों को मेरी हसीं सूरत दिखा जाते एक उलझन की खातिर तुम मेरे नज़दीक आए थे मुहब्बत असली होती …

युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी….

“बेनकाब चेहरे हैं, दाग बड़े गहरे हैं, टूटता तिलस्म, आज सच से भय खाता हूँ । गीत नही गाता हूँ ” (श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी) सच में तुमने …

मंत्री जी – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

पहले फक्कड़ ऐसे दलाल थे बन गये कैसे मुखिया सरपंच। जब से मंत्री बन गये हैं देखो ऊँचा कितना हो गया है मंच। बेईमानी की जाल बिछाया धर्म का …

ll अटल सदैव अटल रहेगा ll

O ‘अटल’ नामधारी मै जीवन भर रहा सदा ही अटल l मेरी स्मृतियाँ संजो रखेगा आने वाला कल ll 1 ll काल के कपाल पर लिखते मिटाते मैंने कठिनाइयों …

वतन इश्क़ से ऊंचा इश्क़ नहीं है…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

सुनो तुम आजाद हिन्द के वासी…. करना कभी तुम न हमसे किनारा… देकर लहू हमने सींचा वतन है…. रहे ऊंचा मस्तक वतन ओ हमारा… धरम न जाती कुछ भी …

जो मेरा बस चले – शिशिर मधुकर

जो मेरा बस चले कभी तुम्हें ना दूर जाने दूँ कहीं गैरों के साथ तुमको ना हुज़ूर जाने दूँ तुमको ख़ुशी देने से सुकून मिलता है मुझको नशीली अँखियों …

संकल्प

सब बातों को छोड़, बात करते हैं बीएसएनएल की संचार-व्यस्था का यह अग्रदूत, है जो नियोक्ता हमारा। यही हमें रोटी देता है, यही कपड़े भी देता है हमको हमारे …

मेरे दिल में बसे हो तुम – शिशिर मधुकर

ना तेरा साथ मिलता है ना तुझको भूल पाती हूँ प्रीत तुम से लगी है जो उसी को अब निभाती हूँ भले मुँह से ना कुछ बोलूं दिल तो …

आजादी – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

नाम की है आजादी या किस काम की आजादी अंग्रेज की आजादी या हिन्दुस्तान की आजादी। सत्तर साल में अमीर का या गरीब की आजादी खून की आजादी है …

सबसे पहले है देश – अनु महेश्वरी

बधाई हो बधाई हो, स्वतंत्रता दिवस की सबको बधाई हो। पाने के लिए ये आज़ादी, पुर्वजों ने दी है कुर्बानी, देखो इसे अब न कोई, ज़ख्म दे जाए। बधाई …

मिटटी – डी. के. निवातिया

मिटटी *** जीवन का सार है, उत्पत्ति का आधार है जल हो या वायु संपूर्ण जगत की प्राण है मिटटी !! अम्बर को शीश धारे, प्रकृति को सीने पे …