छोटी सी ज़िन्दगी और बड़ा झोल है साहेब !

छोटी सी ज़िन्दगी और बड़ा झोल है साहेब ! हाँ भी है,ना भी है, ये जनता ढोल है साहेब ! खरीदो सब मिलेगा इस नए बाज़ार में तुमको नये …

कर्तव्य की गठरी – शिशिर मधुकर

एक बात मन की दोस्तों तुमको बतानी है कुछ दर्द में डूबी फ़कत अपनी कहानी है ढूंढा जिसे उल्फ़त मुझे न कोई मिल सकी ग़म झेलती देखो तन्हा कब …

एहसास – शिशिर मधुकर

इम्तिहां ले रही है ज़िन्दगी पर मैं भी ना हारी हूँ मेरी ताकत बने हो तुम ज्यों मैं शक्ति तुम्हारी हूँ तू मेरे पास है हर पल मुझको एहसास …

चीनी का बोरा

लहजे में फिजा में मिठास है घर मे शीतल सुमन सुवास है प्रभास है घर में। गमो की घुड़दौड़ पर नन्ही लगाम है सुबह सुहानी मदमस्त शाम है। हवा …

नेता जी – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

जिधर देखिये उधर, नेताओं का गरम बाजार है इधर गठबंधन, उधर एन डी ए की सरकार है। जुमले बाजी देश में, चल रही अब जोर – शोर से देखना, …

मुहब्बत का असर – शिशिर मधुकर

मुझको एहसास है तुमने मुझे एकदम भुलाया है तेरी खुशबू का झोंका कब से न मेरे पास आया है भले तुम भूल जाओ मैं तुम्हें हरगिज़ ना भूलुँगा जो …

मतलब की यारी – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ना रखी दिल में फ़कत मतलब की यारी है ज़िन्दगी किस तरह आखिर तुमने मेरी संवारी है मेरे सपने सभी टूटे तेरे संग फिर भी रहता हूँ जिम्मेदारी …

ख्वाब उल्फ़त का – शिशिर मधुकर

सोचता खुद की तो ये रिश्ता नहीं जोड़ा होता सफ़र के बीच यूँ ही तेरा हाथ ना छोड़ा होता घरोँदा तेरा वो अगर मुझको अजीज ना होता रुख तूफां …

मुझे अब फ़र्क नहीं पड़ता

तेरे होने या ना होने से मुझे अब फर्क नहीं पड़ता तुम्हे ऑनलाइन देखने के लिये अब रात- रात भर नहीं जगता जज्बात मेरे भीतर का जो था तुम्हे …

जो भी किया, अच्छा ही किया

तुमने जो किया ,ठीक ही किया तुमने जो भी समझा ,ठीक ही समझा बेकार में ही दिल लगाने निकला था मैं तुमने अक्ल से दिल ठिकाने लगा दिया होश …

ग़मों की ज़िन्दगी में तो कभी मकसद नहीं होते…सी.एम्.शर्मा (बब्बू)…

ग़मों की ज़िन्दगी में तो कभी मकसद नहीं होते… अगर जो ठान ले तो ग़म ख़ुशी सरहद नहीं होते… दफ़न नफरत हमेशा ही हुई है वक़्त-ए-दरिया में…. मगर इस …