नेह की बूंदें (हाइकु) – शिशिर मधुकर

मित्रों हाइकु के क्षेत्र में मेरा प्रथम प्रयास प्रेम खो गया स्वार्थ में अनबन उदास मन। उम्मीदें टूटीं बुझ गई रोशनी केवल तम। नेह की बूंदें बरसे जब जब …

फूलों की महफिल – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा बिन्दु

  खुशबू चमन के डालियों पर आके लग गये जो फूल थे महकते वो गलियों में सज गये। कुछ फूल थे कुर्वानियों के सर पर चढने को और जो …

रिश्ते हर पल नहीं बदल सकते हम – अनु महेश्वरी

आज के व्यस्त जीवन में, अपने अंतर मन में झांके, और एक सवाल पूछे सभी, अपने आप से, क्या “मै” खुश हूँ? अगर जवाब में “हाँ” का अहसास होता …

अरमां नहीं जगते -शिशिर मधुकर

खुशी आने से भी मन में अब अरमां नहीं जगते तेरे बिन मेरे ख्वाबों को भी अब पर नहीं लगते मुहब्बत बिन बड़ी सूनी हुई हैं ये राहें जीवन …

इश्क का पैगाम – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा बिन्दु

    वक्त ने सिखलाया है कि अब तुम्हें ही प्यार दूॅ क्यों न ये जिन्दगी साथ-साथ रहकर गुजार दूॅ। इश्क का पैगाम लिए कब-तक धुमते रहेंगे हम क्यों …

जीवन पर अधिकार किसका ? (कविता)

तुम्हारे ही जीवन पर है अधिकार किसका ? तुम्हारा ? बिलकुल नहीं. तुम प्रयास करो सज्जन बनकर जहाँ में प्यार व् करुणा बाँटने का. सावधान ! तुम्हारे सर पर …

ईद मुबारक — डी के निवातिया

 💐–::ईद मुबारक::–💐 🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂🎂   प्रेम और श्रद्धा से देखो तो रमज़ान में भी राम का नाम नजर आता है। नमाज़ अगर सच्ची हो तो शिव मस्तक में ईद का …

पुरानी सी तस्वीर – अनु महेश्वरी

आज मै पुराने एल्बम के, पन्नो को पलट रही थी जब, मेरी नज़र टिक ही गयी बस, एक पुरानी सी तस्वीर पे| दोस्तों संग बिताए पल, फिर से, आँखों …

कैलेंडर की तारीख

ज़िन्दगी ये ज़िन्दगी कैलेंडर की तारीख सी दिन का हिसाब अतीत की किताब साल दर साल बीतता मौसम कभी सावन की बारिश कभी पतझड़ का आगमन छूटता बचपन ,बैचैन …

अब इस दुनिया में रिश्ता निभाता है कौन….

इस मतलबी दुनिया में अब याद आता है कौन फुर्सत में भी अब एक-दूजे के घर जाता है कौन अब दूसरों की परवाह नही सब अपने में व्यस्त इस …

धुँधलका यादों का

धुंधलका यादों का धुंधलका यादों का छटने लगा है जैसे पर्दा सा कोई उठने लगा है हैं बीती बातें जाने कितनी पुरानी परत दर परत सब खुलने लगा है …

धुनधलका यादों का

धुंधलका यादों का धुंधलका यादों का छटने लगा है जैसे पर्दा सा कोई उठने लगा है हैं बीती बातें जाने कितनी  पुरानी परत दर परत सब खुलने लगा है …

अब तक वे एक नहीं हो पाए हैं…Raquim Ali

आसमान, जमीन, सितारे, शय्यारे, सूरज, खला समुन्दर, पहाड़, नदियां, झील, पानी, चाँद, हवा; जो सब ये चीजें आज मौजूद हैं, कभी तो पैदा किए गए होंगे कोई तो होगा …

सच्चे रिश्ते – अनु महेश्वरी

बिगरे किस्मत, तो लोगो के बोल, बदल जाते है, बीच रास्ते ही, बर्षो का साथ भी, छोड़ जाते है, जो रह जाते साथ, सच्चे रिश्ते कहलाते है, वो हमेशा, …

रिश्ता – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा बिन्दु

  दिल करता है दे दूॅ दिल को पर मेरा मन डरता है देख रहा हूॅ दुनिया को अब प्यार में आहें भरता है। अक्सर धोका दे जाती है …

सोच-अरूण कुमार झा बिट्टू

मत सोच की तू कमजोर हैं प्यारे हैं निर्बल नही ,तू जग का वीर हॉ सोचेगा मैं निर्बल हूं तो हो जाएगा निर्बल और दीन अपनी भुजा से मसल …

खता मेरी ना थी कोई – शिशिर मधुकर

मुहब्बत हो गई तुमसे खता मेरी ना थी कोई खुदा ने चाहा जो इस जहाँ में होता है वो ही नहीं होता है सबके भाग में प्यार का मिलना …

नज़रों की मय – शिशिर मधुकर

पाक ज्वाला मुहब्बत की जब सीनों में दहकती है एक दूजे की सांसों में फिर घनी खुशबू महकती है नशा होता है तब ऐसा किसी की नज़रों की मय …

ईश्वर के सवाल – अनु महेश्वरी

(देख दुनिया की हालात, व्याकुल हुए प्रभु खुद और कर बैठे इन्सान से कुछ सवाल, बस मेरी कल्पना भर है| कभी कभी ऐसा सोचने लगती हूँ. आखिर प्रभु को …