गृहस्थी एक वृक्ष — डी के निवातिया

गृहस्थी एक वृक्ष जिंदगी एक खूबसूरत साज है सरगम जैसा बजा लिया करो पल ख़ुशी के हो या गम के हो मुस्कुराकर बिता लिया करो !! गृहस्थी एक वृक्ष …

ख्वाब

कुछ ख्वाब जिन्दगी में हमेशा अधूरे रह जाते हैं। अरे दूसरों को क्या समझाऊ मैं, अपने ही समझ नहीं पाते हैं। अरे हमसे भी तो पूछ कर देखो, हम …

माँ-बाप

तले है जिसके बचपन खेला तले है जिसके हुआ जवान देख आँखों में आंसू आते गिरता अब वो वृक्ष विशाल जड़े है इसकी कितनी गहरी कितने लम्बे इसके है …

गुजारो नहीं – मधु तिवारी

यूं ही सजधज के रहा करो, जीवन जीयो,गुजारो नहीं कभी खता कर लिया करो हमेशा ही भूल सुधारो नहीं डालो कभी निगाहें खुद पर सदा औरों को निहारो नहीं …

अदा — डी के निवातिया

अदा +++++++++++++++ मुझसे मुहब्बत भी बेपनाह करता है फिर भी मेरी हर बात पर बिगड़ता है इसे अदा कहुँ या फितरत जनाब की जो भी हो दिल ये तो …

==* नशीला है सागर *==

नशीला है सागर ये आंखे जो तेरी डूब जाऊ मैं उनमें जी चाहता है लबों की वो प्यारी सी मुस्कान तेरी तेरे साथ हसने को जी चाहता है नशीला …

ऑक्सीजन – अनु महेश्वरी

जब तक है स्वस्थ, निःशुल्क मिलती, हवाओं से, फायदा उठा, प्राणायाम रोज किया करे| हो गए बीमार अगर, दवाओं के साथ, तब, ऑक्सीजन की भी, कीमत लग सकती| जब …

हे प्रभु, तुम मेरे गीत न गावो —- भूपेंद्र कुमार दवे

हे प्रभु, तुम मेरे गीत न गावो   है सन्नाटा चहूं और अब चुप चुप है कोलाहल भी सहमे सहमे वाद्यवृंद हैं टूट चुकी है पायल भी करुण स्वरों …

अच्छी यादो का ही निर्माण – अनु महेश्वरी

जब चाँद के दाग को भूल, बस उसकी शीतलता को, याद रखते सभी| फिर क्यों न बुराईयां भूल, बस लोगो की अच्छाइयों को, याद करते सभी? राह में शत्रु …

गुजारो नहीं – मधु तिवारी

यूं ही सजधज के रहा करो, जीवन जीयो,गुजारो नहीं कभी खता कर लिया करो हमेशा ही भूल सुधारो नहीं डालो कभी निगाहें खुद पर सदा औरों को निहारो नहीं …

फैसला…..सी.एम्. शर्मा (बब्बू)….

आये हो मज़ार पे तो मेरी नज़रों में खामोशियों को देख… दहकते जज़्बातों पे डाले कैसे कफ़न मैंने उसको देख…. दर्द के समंदर की गहराईयां नज़र आएंगी दिल में …

कैसे मुकर जाओगे — डी के निवातिया

कैसे मुकर जाओगे +++   ***   +++ यंहा के तो तुम बादशाह हो बड़े शान से गुजर जाओगे । ये तो बताओ खुदा कि अदालत में कैसे मुकर जाओगे चार …

* अंधियारा *

*अंधियारा* हमें अंधियारा पसंद है जहाँ शान्ति का संगम है, बहुत लोग हैं इसे बुरा मानते बुराई का प्रतिक हैं इसे जानते , सारे प्रकाश का यह केंद्र है …