गीत -संभावनाओं के स्वर -शकुंतला तरार

गीत-27-6 -2017 संवेदनाओं को अपने स्वर दीजिए भावनाओं को थोड़ा मुखर कीजिए || कोरी कल्पनाओं से नहीं बनती ये ज़िंदगी समस्याओं से घबरा के नहीं चलती ज़िंदगी उपेक्षाओं को …

मानव मन – B P Sharma ( बिन्दु )

कमजोरी – गुस्सा – चिड़चिड़ापन आने लगी है सबमे. घृणा – जलन – बिद्रोह रंग जमाने लगी है सबमे. बहस  – बकवास – प्रतिरोध क्यों छाने लगी है मन …

बदलते वक्त में -शिशिर मधुकर

क्या करूँ मैं तुम ही बोलो मेरा दिल तुमने तोड़ा है कहाँ ढूँढू सकूँ जब तेरे लिए ज़माने भर को छोड़ा है धारा रोक देने से नदिया घुट घुट …

राष्ट्र की खातिर- शिशिर मधुकर

एक मेरे मित्र हैं जो मुझसे बहुत नाराज़ हैं उनको पसंद आते ना मेरे मलमली अल्फ़ाज़ हैं राष्ट्र की खातिर वो कहते हैं की मैं रचना लिखूं एक भारत …

समय

समय की मार ने मुझको ऐसा मारा, आज मैं खुब रोया और पश्चताया। सच कहते थे पापा और मम्मी, बेटा तुम समय के मोल को पहचानो। तुम अगर समय …

कुमकुम बना के – शिशिर मधुकर

कोई सागर नहीं ऐसा ना जिसमें ज्वार आते हों वो लोचन ना आशिक के जो ना अश्रु बहाते हों ऐसी चाहत ज़माने में कभी भी सुख ना देती है …

सांसों में शामिल – शिशिर मधुकर

मुहब्बत करना आसां है निभाना है बहुत मुश्किल याद रक्खो तुम ये सच लगाओ जब कहीं भी दिल जिसको आदत हो आसानी से चेहरे भूल जाने की कभी ना …

बदन संगेमरमर — डी के निवातिया

बदन संगेमरमर बदन संगेमरमर है या तराशा हुआ टुकड़ा कांच सा शबनम की बूँद ढले तो लगे तपता कनक आंच सा नजर है की उस उत्कृष्ट जिस्म पर ठहरती …

नाजुक कंधे

छोटे बच्चे नाजुक कंधे, नाजुक कंधे भारी बस्ते, बोझ कैसे उठाऊ मैं, रोज सुबह मम्मी मुझे जगाती, दौड़ा दौड़ा कर ब्रश कराती, रगड़ रगड़ कर मुझे नहलाती, कभी चिलाती …

रम जाओ तुम मुझमें ऐसे..सी.एम्.शर्मा (बब्बू)…

IIछंद-चौपाईII रम जाओ तुम मुझमें ऐसे,रंग मिला पानी में जैसे… तुम सज जाओ ऐसे दिल में,जैसे देव सजे मंदिर में…. ढूंढूं कहीं खुदा मैं क्यूँकर,मंदिर हो चाहे गिरिजा घर… …

कामयाबी – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा बिन्दु

जब भी कोई ख्यालों के समन्दर में बहकर चला जाता है कुछ पल के लिए ही  सही  वह दिल में उतर आता है  । ढूंढता है मोती जैसा कुछ …

न झगड़े आपस में हम – अनु महेश्वरी

कठिन है राहे, मुश्किल है रास्ते, गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, भ्रष्टाचार, और न जाने कितने, अनगिनत परेशानिया के साथ है सफ़र, मंजिल अभी दूर है, पर साथ रहे अगर, भरोशा, …