बौद्ध की हंसी

बौद्ध की हंसी ————— आज ही खबर मिला पुरे दुनिया के लोगों को मालूम हुआ कल राजस्थान के पोखरण में अहिंसा के पुजारी गौतम बौद्ध के जन्मदिन पर वैज्ञानिकों …

कैसन नदिया के इ पानी

शीर्षक-कैसन नदिया के इ पानी कैसन नदिया के इ पानी लील गई बचुअन के जीवन लील गयी भड़कत जवानी खेतवा डूबल घर बार छुटल चुल्हा भींगल बढ़त जाई परेशानी …

बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा ( बिन्दु )

गुस्सा क्यों आ रही अब नाक पर तीन तालाक को रख दो ताक पर। फैसला के पहले मैंने यह कह दिया मुस्लिम महिलाओं का मैंने सह दिया। जूल्म शितम …

सुकून है मुझे…सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

II रुबाई II सलामत है तू, ये ख़ुदा का फज़ल है…. चरागे मोहब्बत से, जला मेरा चमन है…. निशानी मोहब्बत मेरी, है खंजर पे तेरे… सुकून है मुझे, तेरा …

प्रेम तो किस्मत से मिलता है-शिशिर मधुकर

मुहब्बत जिन को होती है कभी रूठा नहीं करते फक़त दुनिया की मर्ज़ी से हाथ छूटा नहीं करते आईना धुंधला हो जाए छवि दिखला ही देता है बिना पत्थर …

ज़िन्दगी – अनु महेश्वरी

ज़िन्दगी भी कितनी अजीब है, एक ही परिस्थिति, किसी के लिए, खुशियां है लाती, किसी को केवल, गम है दे जाती| कोई यहाँ, गम को भी, अपने, मुस्कराहट के …

इंतज़ाम करो — D. K Nivatiya

इंतज़ाम करो *** विकास का दम भरते हो, कुछ जनता के भी काम करो निश दिन रेल होती डी-रेल,  इसका भी इंतज़ाम करो कितनी जिंदगियां बे-मौत चढ़ जाती है …

मरने दो — डी के निवातिया

मरने दो *** *** *** रेल पटरी से जनता की उतरी है, उतरने दो। हादसे होते है तो लोग भी मरते है, मरने दो। हम देश चलाते है हवाई …

बहुत बेशर्म है या ज़िद्दी

वो लड़का जो कभी किताबों से मोहब्बत करता था सुना है, आजकल मोहब्बत में किताबें लिख रहा हैं पहले रास्ते की किसी सड़क के किसी मोड़ पर या शहर …

विरह – प्रियंका ‘अलका’

बादल सूना धरा है प्यासी घूँट- घूँट तेरा प्रेम पीया जो बन गई तेरी दासी बन गई तेरी दासी……. आग की लपटें धधके जैसे विरह की ज्वाला फैले वैसे.. …

चुप्पी – प्रियंका ‘अलका’

तुमने हर बार मेरी बातों को अनसुना किया और अपने विचारों में लीन रहे….. क्या तुम्हें मालूम है हर बार तुम मुझे खोते गए और मैं खुद में खोती …

तब अकेला था मैं जिंदगी में , अब अकेले में रहने लगा – मनुराज वार्ष्णेय

जिसको मैंने सोचा कभी न , काम वो भी मैं करने लगा तब अकेला था मैं जिंदगी में , अब अकेले में रहने लगा जब से तू आयी है …

धुंधली ना हो तस्वीर-शिशिर मधुकर

धुंधली ना हो तस्वीर तू रंग इसके उभार दे नज़रों के पास आ ज़रा किस्मत संवार दे सूखी हैं सभी डालियाँ बरसी है ऐसी आग सावन की फुहारों को …

नज़्म – तुम ही बोलो ….सी.एम्.शर्मा (बब्बू)….

आज फिर तुमने, दिल मेरे पे, दस्तक दी है…. मेरे बालों में, तेरी उँगलियों ने, हरकत की है… एक सिहरन सी, बदन मेरे में, लहराई है…… ठहरे पानी में …